आपात स्थिति या वाहन खराब होने की दशा में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा यात्रियों को हेल्पलाइन 1033 के माध्यम से सुविधा दी जाती है, अब उसे ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के माध्यम से अपग्रेड किया जा रहा है।आधुनिक सुविधा ऐसी होगी कि सहायता के लिए कॉल करने वाले का स्थान तुरंत कैप्चर होगा और संवाद के लिए बहुभाषा की भी सुविधा होगी।

NHAI के अनुसार हेल्पलाइन के आधुनिक तकनीक से लैस हो जाने के बाद भी इसमें मानवीय भूमिका वहां अवश्य रहेगी, जहां विशेष रूप से आपात स्थितियों में निर्णय और विवेक आवश्यक होते हैं। दरअसल, 1033 हेल्पलाइन वर्ष 2018 में शुरू की गई थी और यह 24 घंटे उपलब्ध है।इसके माध्यम से यात्रियों को चिकित्सा संबंधी आपात स्थिति, वाहन खराब होने, एंबुलेंस, क्रेन ,फास्टैग से संबंधित समस्याओं आदि का समाधान किया जाता है।
प्राधिकरण का दावा है कि यह हेल्पलाइन वर्तमान में 1.46 लाख किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों को कवर करती है और प्रतिदिन लगभग 15,000 काल प्राप्त करती है।नई प्रणाली से यह सुधार हो जाएगा कि काल प्राप्त करने और आवश्यक स्थान पर सहायता भेजने के लिए बेहतर प्रणालियां विकसित हो जाएंगी।आपातकालीन टीमों को घटनास्थल तक पहुंचने में मदद करने के लिए काल करने वाले के स्थान को वास्तविक समय में कैप्चर किया जा सकेगा। विभिन्न भारतीय भाषाओं में काल का प्रबंधन करने में एआई की सहायता ली जाएगी।