रोपड़ थर्मल प्लांट का खराब एक यूनिट बुधवार दोपहर चालू हो गया। चार में से दो यूनिट अब भी बंद हैं। पावरकाम को फिलहाल 215 मेगावाट बिजली मिल रही है।सरकारी क्षेत्र के रोपड़ थर्मल प्लांट के खराब तीन यूनिटों में से एक यूनिट दोपहर को ठीक होकर चालू हो गया। इसके बाद प्लांट में बिजली उत्पादन शुरू हो गया। हालांकि, चार यूनिट वाले इस प्लांट के दो यूनिट अभी भी बंद हैं।

प्लांट के कुल चार यूनिटों में से तीन यूनिट बंद हो गए थे। दोपहर में एक यूनिट ठीक होने के बाद बिजली उत्पादन क्षमता में कुछ सुधार हुआ है। कुल 840 मेगावाट क्षमता वाले इस प्लांट से फिलहाल पावरकाम को 215 मेगावाट बिजली मिल रही है।राज्य में बिजली की मांग इस समय 16584 मेगावाट चल रही है। इस सीजन में बिजली की मांग 17300 मेगावाट से अधिक तक पहुंच चुकी है। यह राज्य के बिजली क्षेत्र के इतिहास में एक दिन में दर्ज की गई सबसे अधिक मांग बताई गई है।
बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पावरकाम को केंद्रीय क्षेत्र से बिजली खरीद पर काफी निर्भर रहना पड़ रहा है।पावरकाम केंद्रीय क्षेत्र से अधिकतम 11296 मेगावाट बिजली खरीद चुका है। सरकारी थर्मल प्लांट में उत्पादन प्रभावित होने के कारण केंद्रीय क्षेत्र से बिजली खरीद की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। इस बीच रोपड़ थर्मल के एक यूनिट के चालू होने से पावरकाम को कुछ अतिरिक्त बिजली उपलब्ध हुई है।