सरकार की 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती बिक्री के बावजूद दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे मेट्रो शहरों में प्याज की कीमतें 60 से 65 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई हैं। निजी व्यापार में कीमतें और भी अधिक हैं, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। सरकार की ओर से 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर प्याज बेचने के बावजूद मेट्रो शहरों में इसकी कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। मंगलवार को खुदरा बाजारों में प्याज 53 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच बिका। दिल्ली में प्याज 53 रुपये प्रति किलोग्राम था। मुंबई में यह 58 रुपये प्रति किलोग्राम और कोलकाता तथा चेन्नई में सबसे अधिक 60 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।
दिल्ली में प्याज की गुणवत्ता और इलाके के आधार पर 60-70 रुपये प्रति किलोग्राम के दायरे में बिक्री हुई। यह मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय राजधानी के लिए बताई गई 53 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से अधिक है। केंद्र के हस्तक्षेप के बावजूद प्याज की खुदरा कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। सरकार दिल्ली और देश भर के 50 से ज़्यादा शहरों में बफर स्टॉक की रियायती बिक्री के माध्यम से घरेलू आपूर्ति बढ़ा रही है।सरकार ने कीमतों को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप किया है। इसके बावजूद प्याज की खुदरा कीमतें ऊंची बनी हुई हैंवह बफर स्टॉक से प्याज की रियायती बिक्री कर रही है।
यह बिक्री दिल्ली और देश के 50 से अधिक अन्य शहरों में 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से हो रही है। एनसीसीएफ और नाफेड जैसी नोडल एजेंसियां इसमें शामिल हैं। ये एजेंसियां 2026 के लिए 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक बनाए हुए हैं।अखिल भारतीय स्तर पर प्याज का औसत खुदरा मूल्य 22 सितंबर को 54.2 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। अधिकतम मूल्य 100 रुपये प्रति किलोग्राम और न्यूनतम 29 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।