दावे-आपत्तियों के लिए बढ़ी समयसीमा,मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर जारी विवाद के बीच शनिवार को पहली बार तीनों चुनाव आयुक्तों की अहम बैठक हुई। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी शामिल हुए। एसआईआर के दौरान सामने आई समस्याओं को लेकर निर्वाचन आयोग ने शनिवार को कई अहम कदमों की घोषणा की। आयोग ने नाम हटाने के नोटिस का सामना कर रहे लोगों के लिए दावे-आपत्तियां दाखिल करने की अवधि बढ़ाने के साथ घर पर दस्तावेज जुटाने और मदद के लिए विशेष सहायता केंद्र व शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्वाचन आयुक्त डॉ. एसएस संधू और विवेक जोशी भी मौजूद रहे। आयोग ने बताया कि अब बूथ स्तर के अधिकारी उन लोगों के घर जाएंगे, जिनका मामला मतदाता सूची से जुड़ा नहीं है या जिनके विवरण में तार्किक विसंगतियां हैं। निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को जरूरत के अनुसार पर्याप्त संख्या में सहायता केंद्र बनाने और विशेष शिविर लगाने का निर्देश दिया है। इनकी सुविधा रैन बसेरों में रहने वाले लोगों, मजदूरों, गरीबों और बेघर लोगों को उपलब्ध कराई जाएगी।
आयोग ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से मिले सुझावों के आधार पर पोर्टल में कई बदलाव किए गए हैं। क्षेत्रीय अधिकारियों को आगे किसी अतिरिक्त सुविधा की जरूरत महसूस होती है तो उसे भी लागू किया जाएगादिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुरोध पर दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि बढ़ाकर 30 अक्तूबर कर दी गई है। इनके साथ नोटिस के निपटारे की समयसीमा भी बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी गई है। महाराष्ट्र में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुरोध पर दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा 12 अक्तूबर तक बढ़ाई गई है। एसआईआर पूरा कर चुके 20 राज्यों में भी नाम जुड़वाने का मौका
एसआईआर के दौरान या उसके बाद जिन लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं रह गया है, वे दोबारा नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आयोग के मुताबिक युवा और पहली बार मतदान करने वाले लोग भी मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए निरंतर अद्यतन प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं। गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित बूथ स्तर के अधिकारियों को मतदाता सूची से छूटे लोगों के घर-घर जाकर उनके फॉर्म जुटाने का निर्देश दिया है। आयोग के अनुसार, राज्य में 97 में से 81 मतदाता पहले ही नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 भर चुके हैं।एसआईआर पर सर्वसम्मति से हुआ था फैसला’