यूपी प्रदेश में हुक्का बार को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 70 से अधिक कैफे-रेस्तरां की याचिकाएं खारिज इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश में हुक्का बार के संचालन को लेकर अहम फैसला दिया।
उत्तर प्रदेश में हुक्का बार के संचालन पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक ऐतिहासिक और बेहद सख्त फैसला सुनाया है।
अदालत ने लखनऊ के विभूति खंड स्थित फैशन टीवी कैफे समेत 80 से अधिक कैफे और रेस्तरां संचालकों की याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जो पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ दायर की गई थीं।
जस्टिस शेखर बी सर्राफ और जस्टिस अबधेश कुमार चौधरी की डबल बेंच ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि अब पूरे उत्तर प्रदेश के किसी भी होटल, रेस्तरां या कैफे में हुक्का बार नहीं चलाए जा सकेंगे।
दलीलें खारिज , संचालकों ने दलील दी थी कि वे हुक्का सर्व नहीं कर रहे, बल्कि केवल उपकरण किराए पर दे रहे हैं या ‘सेल्फ सर्विस’ के तहत ग्राहक खुद इसे तैयार कर रहे हैं। कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए कहा कि हुक्का तैयार करना, कोयला बदलना और फॉइल लगाना एक ‘सर्विस’ (सेवा) के अंतर्गत आता है और इसे केवल किराया या खुद की सेवा नहीं माना जा सकता।
स्वच्छ हवा में सांस लेना मौलिक अधिकार अदालत ने अपने फैसले में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत हर नागरिक को स्वच्छ हवा में सांस लेने का मौलिक अधिकार है। किसी भी कारोबारी का व्यापार करने का अधिकार (अनुच्छेद 19(1)(g)) गैर-धूम्रपान करने वाले लोगों के इस अधिकार से बड़ा नहीं हो सकता।