बिहार में सस्ता होगा घर बनाना! 4 महीने बाद 212 घाटों पर फिर शुरू हुआ बालू खननचार महीने के विराम के बाद शुक्रवार से प्रदेश के 212 बालू घाटों से खनन और बालू का उठाव शुरू हो गया है। राज्य सरकार की घोषणा के अनुरूप खनन कार्य बहाल किया गया है।सरकार का मानना है कि इससे निर्माण कार्यों के लिए बालू की उपलब्धता पर्याप्त रहेगी और आपूर्ति में कमी नहीं होगी।
जिन 212 बालू घाटों से खनन शुरू हुआ है, उनमें पीले बालू के 181 और उजले बालू के 31 घाट शामिल हैं। मानसून के दौरान पर्यावरणीय कारणों से बालू खनन पर रोक रहती है।इस अवधि में खनन और उठाव बंद रहने से निर्माण कार्यों के लिए बालू की मांग और उपलब्धता के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
अब खनन शुरू होने से बाजार में बालू की आपूर्ति बढ़ने की संभावना है।बालू की नियमित उपलब्धता से सरकारी और निजी निर्माण परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। मकान बनाने वाले लोगों के साथ निर्माण क्षेत्र से जुड़े ठेकेदारों को भी राहत मिल सकती है।
बालू की कीमतों में वास्तविक कमी कितनी होगी, यह बाजार में आपूर्ति, मांग और परिवहन लागत पर निर्भर करेगा। सरकार को उम्मीद है कि खनन बहाल होने से बालू की किल्लत दूर होगी और आम लोगों को निर्माण कार्यों में राहत मिलेगी।