नई दिल्ली में साहित्यिक और आध्यात्मिक उत्साह के साथ ‘मुसलेमा-ए-फातिमीया’ हुआ संपन्न! देश भर के प्रमुख कवियों ने हिस्सा लिया, ‘सलाम’ पर आधारित एक विशेष पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
कल शाम राष्ट्रीय राजधानी के प्रतिष्ठित ‘इंडिया इस्लामिक कल्चर सेंटर’ में ‘बज़्म-ए-अनवर-ए-सुखन मवाना, मेरठ’ के तत्वावधान में एक भव्य और पूरी तरह से भक्तिपूर्ण साहित्यिक आयोजन—’मुसलेमा-ए-फातिमीया’ (मुशायरा)—सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने ‘मुसलेमा’ के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। शाम का मुख्य आकर्षण ‘मुसलेमा-ए-फातिमीया: सलाम और कलाम’ नामक पुस्तक का आधिकारिक विमोचन किया गया ।
‘बज़्म-ए-अनवर-ए-सुखन’ का उद्देश्य ‘सलाम’ (उर्दू शायरी की एक महत्वपूर्ण विधा) को बढ़ावा देना है।इसमें मौलाना मीसम लखनवी और अबू तुराब हैदराबादी जैसे कवियों ने भाग लिया।कार्यक्रम का संचालन मौलाना आबिस जरवाली और प्रो. नासिर नकवी ने संयुक्त रूप से किया।