आगेमायावती ने कहा कि आनंद अपने दोनों बेटों को व आगे चलकर उनके युवा बच्चों में से किसी को भी अपनी जिम्मेदारी नहीं सौपेंगे। बेटी के तैयार नहीं होने पर आम सहमति से पार्टी के दलित वर्ग में से ही अन्य किसी मिशनरी कार्यकर्ता को भी यह जिम्मेदारी मिल हैं।
लंदन में वकालत की शिक्षा ले रही 22 वर्षीया भतीजी दीपिका आनंद को मायावती अपने सहयोग के लिए साथ रख सकती हैं। बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती को बेहद भरोसे वाले सहयोगी की तलाश है। भतीजों आकाश और ईशान आनंद से भरोसा उठने के बाद मायावती को भतीजी दीपिका आनंद से बड़ी उम्मीद है।
लंदन में वकालत की शिक्षा ले रही 22 वर्षीया भतीजी दीपिका आनंद को मायावती अपने सहयोग के लिए साथ रख सकती हैं। उन्होंने कहा कि अगर जरुरत पड़ी तो भविष्य में भतीजी दीपिका आनंद को बसपा की कमान सौंपी जा सकती ह
मायावती ने अपने बयान में यह विकल्प भी रखा कि अगर भविष्य में दीपिका आनंद पार्टी की जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार नहीं होती हैं, तो किसी अन्य समर्पित दलित मिशनरी कार्यकर्ता को जिम्मेदारी दी जा सकती है।
दीपिका आनंद बसपा प्रमुख मायावती की भतीजी हैं। दीपिका मायावती के छोटे भाई आनंद कुमार की इकलौती बेटी हैं। दीपिका अभी राजनीति में नहीं है!