पीएम के जन्मदिन पर होगा कुछ खाद भाजपा शासित राज्यों में 2029 से पहले समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी लागू करने की तैयारी का संकेत अमित शाह ने दिया है। साथ ही पीएम मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक देशभर में सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा।

इस साल यह अभियान इसलिए भी खास है, क्योंकि 7 अक्तूबर 2026 को मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर लगातार जनसेवा के 25 साल पूरे होंगे।
केंद्र की भाजपा सरकार के बाद अब भाजपा शासित राज्यों में भी समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी को लेकर बड़ा कदम उठाने की तैयारी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संकेत दिया है कि 2029 से पहले भाजपा शासित राज्यों में यूसीसी लागू किया जाएगा। इसके साथ ही भाजपा ने पीएम मोदी के जन्मदिन को बड़े सेवा अभियान से जोड़ने की योजना बनाई है।
यानी एक तरफ यूसीसी को लेकर राज्यों में आगे बढ़ने की तैयारी है तो दूसरी तरफ मोदी के जन्मदिन से देशभर में एक महीने तक सेवा गतिविधियां चलाने की तैयारी है।
इस अभियान को केवल भाजपा के कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसमें सहयोगी दलों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम लोगों की भी भागीदारी होगी। अभियान के जरिए सेवा को केंद्र में रखकर देशभर में लोगों तक पहुंचने की योजना है।
पहले गुजरात में और बाद में देशभर में भाजपा पीएम मोदी के जन्मदिन को ‘सेवा सप्ताह’ के रूप में मनाती रही है। यह अभियान 17 सितंबर से 2 अक्तूबर तक चलाया जाता था और कई जगह इसे एक सप्ताह तक भी आयोजित किया जाता था। इस बार अभियान की अवधि बढ़ाकर 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक की गई है।
अमित शाह के मुताबिक, 7 अक्तूबर 2026 को नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर लगातार जनसेवा के 25 साल पूरे होंगे। उनका यह सफर अभी जारी है। शाह ने कहा कि देश में बहुत कम ऐसे नेता हैं, जिन्होंने पहले किसी राज्य के मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री के तौर पर लगातार 25 साल तक जनसेवा की है।
अमित शाह ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान को हर जिले तक ले जाया जाएगा। इसके साथ ही हर लोकसभा क्षेत्र, हर विधानसभा क्षेत्र और हर पोलिंग बूथ तक पहुंचने की योजना है। यानी अभियान का दायरा राष्ट्रीय स्तर से लेकर स्थानीय स्तर तक रखा गया है। इसके जरिए लोगों से सीधे जुड़ने और सेवा गतिविधियों को ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रों तक पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा।
यूसीसी का मुद्दा भाजपा के बड़े राजनीतिक एजेंडे से जुड़ा है, जबकि सेवा अभियान के जरिए पीएम मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन को केंद्र में रखा जा रहा है। ऐसे में आने वाले समय में दोनों मुद्दे भाजपा की राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों में अहम दिखाई दे सकते हैं।