पहाड़ों पर लगातार हो रही तेज बारिश की वजह से मैदानी क्षेत्र में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रयागराज में यमुना ने तेजी पकड़ ली है तो गंगा के जल स्तर में भी बढ़ोतरी हो रही है। दोनों नदियों की तेजी से शहर के एक दर्जन मुहल्लोंं के साथ ही किनारे के 100 से ज्यादा गांव बाढ़ के मुहाने पर आ गए हैं।
सीडीओ, नगर आयुक्त, सभी एडीएम व एसडीएम,तहसीलदारों के साथ ही पीडब्ल्यूडी, विद्युत, जल संस्थान, जल निगम व पुलिस तथा पीएसी के अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के लिए निर्देशित किया गया है। रविवार भोर में बांध स्थित लेटे हनुमानजी का महास्नान हो गया है।इसके साथ ही टोंस और बेलन नदियां भी उफान पर हैं।

दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन की ओर से सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं। वहीं रविवार को शहर के छोटा बघाड़ा इलाके में बाढ़ को लेकर प्रशासनिक अधिकारी व एनडीआरएफ की टीम ने निरीक्षण किया। यमुना में केन, बेतवा, चंबल तथा मंदाकिनी, शरभंग, धसान नदियों का पानी आ रहा है। बेतवा, मंदाकिनी व शरभंग नदियां उफान पर हैं।
लहचुरा, मौदहा, हथिनीकुंड, माताटीला बांधों तथा ओखला बैराज से पानी आ रहा है। हमीरपुर, झांसी और महोबा-झांसी सीमा पर स्थित बांधों का पानी भी लगातार यमुना में आ रहा है। इससे यमुना का पिछले 36 घंटे में लगभग दो मीटर तो 12 घंटे सवा मीटर जलस्तर बढ़ा है।