शहर में बीती रात से मूसलधार वर्षा जारी है। वर्षा के कारण सड़कों में जलभराव होने के साथ ही आम जनजीवन अस्त व्यस्त है। बरसाती नाले उफान पर है, जिससे झील का जलस्तर 87.10 फीट जा पहुंचा है। एहतियात के तौर पर सिंचाई विभाग ने झील के निकासी गेट पूरी क्षमता के साथ खोल दिये है। इस मानसून यह पहला मौका है जब निकासी गेट पूरी तरह खोले गए है।
नाले उफान पर होने के कारण वर्षा का पानी सड़कों तक पहुंचने से जलभराव की स्थिति बनी हुई है।जिला पंचायत क्षेत्र में नालों से ओवरफ्लो होकर सड़क से होते हुए पानी कई घरों में घुस गया। जिससे लोगों की मुश्किले बढ़ गयी हैं स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने आपदा नियंत्रण केंद्र के साथ ही सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिये है।
झील नियंत्रण कक्ष प्रभारी के अनुसार सुबह आठ बजे तक 24 घंटे में 43 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई है। आठ बजे बाद भी 50 मिमी वर्षा होने का अनुमान है।जहां झील का जलस्तर 87.5 फीट था वह बढ़कर 87.10 पहुंच गया है। सुबह नौ बजे झील के निकासी गेट पांच-पांच इंच खोले गए थे। लेकिन मूसलधार वर्षा से लगातार जलस्तर में बढ़ोतरी होने पर गेटो को पूरी क्षमता 18-18 इंच खोल दिया गया है।
जिले के 25 मार्ग बंदमूसलधार वर्षा से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाए भी सामने आने लगी है, जिसका सीधा असर सड़कों पर देखने को मिल रहा है। वर्षा के बाद भूस्खलन व मलबा आने से जिले में 25 सड़क मार्ग बंद है।