चुनाव आयोग का फैसला, यूपी-पंजाब समेत 17 राज्यों में अपडेट होगी वोटर लिस्ट /!चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा समेत 17 राज्यों में मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कराने की जानकारी दी है। इस प्रक्रिया के लिए एक जनवरी 2027 को अर्हता तिथि तय की गई है।
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश के 14 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों (कुल 17 राज्यों/UTs) में मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision – SSR) कराने का एक बड़ा फैसला लिया है।यह कदम हाल ही में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष के विरोध और विवाद के बीच उठाया गया है।
इस पुनरीक्षण प्रक्रिया के लिए 1 जनवरी 2027 को अर्हता तिथि निर्धारित किया गया है। यानी, जो युवा 1 जनवरी 2027 तक 18 वर्ष की उम्र पूरी कर रहे हैं, वे मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकेंगे।
इस प्रक्रिया के तहत 12 नवंबर 2026 को मतदाता सूची का ड्राफ्ट (प्रारूप) प्रकाशित किया जाएगा और आपत्तियां/दावे निपटाने के बाद 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य नए और योग्य मतदाताओं (विशेषकर युवाओं) के नाम जोड़ना, गलतियों को सुधारना और मृत या अपात्र लोगों के नाम हटाकर सूची को पूरी तरह सटीक बनाना है।जिन राज्यों में यह पुनरीक्षण किया जा रहा है, उनमें उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर जैसे राज्य शामिल हैं जहां अगले साल (2027) की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं!
उत्तर प्रदेश विधानसभा (403 सीटें) का कार्यकाल 22 मई 2027 को समाप्त हो रहा है।पंजाब (117 सीटें), उत्तराखंड (70 सीटें), मणिपुर (60 सीटें) और गोवा (40 सीटें) की विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च 2027 में पूरा होगा।चुनाव आयोग नियमानुसार कार्यकाल समाप्त होने से 6 महीने पहले भी चुनाव करा सकता है, इसलिए चुनावों से ठीक पहले मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी और अपडेट करना बेहद जरूरी माना जा रहा है।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने 17 राज्यों में मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) कराने की घोषणा की है। इनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा जैसे वे राज्य भी शामिल हैं, जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।