चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों पर उठ रहे सवालों के बीच आयोग ने कहा है कि उसके सभी फैसले नियम और कानून के तहत लिए गए हैं। आयोग ने आंतरिक टिप्पणियों को सामान्य प्रक्रिया बता तय हुए कहा कि पिछले एक साल के सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए । चुनाव आयोग के भीतर मतभेद और एसआईआर को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आयोग ने प्रेस नोट जारी कर अपना पक्ष साफ किया है। आयोग ने कहा है कि वह संविधान तहत काम करता है।
आयोग के मुताबिक वह एक बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था है और उसके भीतर लिखित टिप्पणियां, सुझाव, तकनीकी राय और आंतरिक जांच-पड़ताल सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि उसकी सभी कार्रवाइयां कानून और आयोग के निर्देशों के मुताबिक की गई हैं।
आयोग ने कहा कि इन फैसलों के लिए निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया का पालन किया जाता है। आयोग ने बताया कि उसकी कार्यप्रणाली मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति, सेवा शर्तों और कार्यकाल से संबंधित 2023 के कानून के तहत तय होती है।आयोग के मुताबिक किसी फैसले को अंतिम रूप देने से पहले सदस्यों के बीच चर्चा होती है और इस दौरान अलग-अलग राय, सुझाव या प्रशासनिक सवाल उठना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं । इनका उद्देश्य चुनावी व्यवस्था को मजबूत करना और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना है।