12 साल बाद हुआ बदलाव इससे कर्मचारियों की सेविंग्स और पेंशन का दायरा बढ़ेग। केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को EPF और EPS के लिए अनिवार्य बेसिक सैलरी लिमिट बढ़ाकर ₹25,000 प्रति महीना कर दी है। अब कंपनियों को 25 हजार रुपए तक की बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों को PF के दायरे में शामिल करना ही होगा। पहले यह लिमिट ₹15,000 प्रति महीना थी।
पहले 15 हजार रुपए से ज्यादा बेसिक सेलरी वाले कर्मचारियों का PF कटना या न कटना उनकी मर्जी पर डिपेंड करता था। नए आदेश से 25 हजार रुपए की लिमिट होने के बाद PF कटने से कर्मचारी की सेविंग बढ़ेगी और रिटायरमेंट पर बड़ा फंड मिलेगा।अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी + महंगाई भत्ता (DA) अगर ₹25,000 या उससे कम है, तो कंपनी को उस कर्मचारी को EPF में शामिल करना अनिवार्य है।

अगर बेसिक सैलरी + DA ₹25,000 से ज्यादा है, तो नई जॉइनिंग पर EPF अनिवार्य नहीं है, लेकिन ऐसा तब ही होगा जब कर्मचारी पहले से EPF सदस्य न हो।अगर आप एक वेतनभोगी कर्मचारी हैं, तो ये खबर आपके लिए है। अभी तक ईपीएफओ के करीब 8 करोड़ कर्मचारियों को अपनी बेसिक सैलरी का 12% अंशदान करना पड़ता था और कंपनी के लिए भी इतना ही योगदान करना अनिवार्य था।