सात समंदर पार सजेगी हरियाणवी चौपाल, विदेशों में बसे हरियाणवियों के लिए CM नायब सैनी का बड़ा नेटवर्क प्लान ! हरियाणा सरकार ने विदेश में रहने वाले हरियाणवी मूल के लोगों को एक मंच पर लाने के लिए ‘हरियाणवी’ एसोसिएशन बनाने की पहल की है।हरियाणा की पहचान अब केवल दिल्ली की सीमाओं से लगे एक राज्य तक सीमित नहीं है। खेतों, खलिहानों, खेल के मैदानों, फौजी परंपरा और उद्यमिता से निकली हरियाणा की प्रतिभा पिछले कई दशकों में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंची है।
हरियाणा सरकार ने एक नई पहल आरंभ की है। सरकार विदेश में रहने वाले हरियाणा मूल के लोगों को एक मंच पर लाकर पंजीकृत ‘हरियाणवी’ एसोसिएशन के लिए प्रोत्साहित कर रही है।मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की इस पहल के तहत विदेश में रहने वाले हरियाणा मूल के प्रमुख लोगों, उद्योगपतियों, कारोबारियों, पेशेवरों और आम लोगों को एक साथ जोड़ने की परिकल्पना की गई है। विदेश सहयोग विभाग इन संगठनों के पदाधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है।
संकट में सहारे से रोजगार तक, एसोसिएशन निभाएगी ‘अपने लोगों’ की भूमिका, विदेश में नया जीवन शुरू करना हमेशा आसान नहीं होता। भाषा, स्थानीय कानून, रोजगार, कारोबार, दस्तावेज, शिक्षा और सामाजिक परिस्थितियों से जुड़ी चुनौतियां प्रवासी भारतीयों के सामने समय-समय पर आती रहती हैं। ऐसे में उसी क्षेत्र में रहने वाले अपने लोगों का संगठित नेटवर्क चुनौतियों से पार लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
अफ्रीका से यूरोप तक बन रहा मजबूत नेटवर्क !अभी तक युगांडा और केन्या में हरियाणवी संगठन बन चुके हैं, जबकि स्वीडन, डेनमार्क और तंजानिया में संगठन बनाने की प्रक्रिया के लिए प्रयास चल रहे हैं। हर संगठन के नाम में ‘हरियाणवी’ शब्द को शामिल करने की व्यवस्था आवश्यक रहेगी। विदेश सहयोग विभाग में मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. पवन चौधरी समन्वय की भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का प्रयास है कि इन संगठनों के साथ निरंतर संपर्क बना रहे है।
हरियाणा दिवस, गीता जयंती और दूसरे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सामूहिक आयोजन विदेशों में बसे हरियाणवियों को अपनी जड़ों से जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।इस पहल का सबसे व्यापक आयाम आर्थिक है। हरियाणा में निवेश की संभावनाओं, नई तकनीक, अंतरराष्ट्रीय बाजारों और वैश्विक कारोबारी संपर्कों के लिए प्रवासी हरियाणवी एक महत्वपूर्ण कड़ी बन सकते हैं।