इंदौर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बनाई गई सड़क की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। इंदौर के गोरकुंड चौराहे पर हुए एक गड्ढे ने नई सड़क की गुणवत्ता की पोल खोल दी। यह सड़क 40 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुई थी। सड़क के नीचे बिछाई गई नर्मदा लाइन की सोमवार को टेस्टिंग की गई तो उसमें लीकेज हो गया और तेज बहाव के कारण सड़क ही धंस गई।
सड़क सालभर पहले ही बनाई गई थी। दरअसल, वह पानी के तेज बहाव का दबाव सह नहीं पाई। इस सड़क के टूटने के बाद कुछ देर के लिए सड़क पर ट्रैफिक रुक गया। रहवासी भी समझ नहीं पाए कि आखिर अचानक सड़क पर क्या हो गया।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत राजवाड़ा, सराफा, खजूरी बाजार, बियाबानी व आसपास के क्षेत्रों में सड़कें बनाई गई हैं। उससे पहले वहां नए सिरे से सीवरेज व ड्रेनेज लाइन भी बिछाई गई थी। जिस सड़क पर गड्ढा हुआ, वहां सड़क बनने से पहले 24 घंटे जलप्रदाय के लिए भी पेयजल लाइन का नेटवर्क बिछाया गया थ।
पांच साल पहले शहर के राजवाड़ा और आसपास के हिस्से को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल किया गया था और वहां सड़क, ड्रेनेज लाइन सहित अन्य काम किए गए थे, लेकिन निर्माणों की गुणवत्ता किस तरह की है, यह लाइन फूटने से पता चल गया।
विज्ञापन