Close Menu
  • होम
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
    • हरियाणा
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • पंजाब
    • मध्यप्रदेश
    • राजस्थान
    • मुंबई
  • दिल्ली/एनसीआर
  • कारोबार
  • खेल
  • राजनीति
  • मनोरंजन
  • e-Paper
Facebook X (Twitter) Instagram
Wednesday, October 21, 2026
  • Privacy Policy
  • संपर्क करें
Facebook X (Twitter) Instagram
Hind ki Asha
Subscribe
  • होम
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
    • हरियाणा
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • पंजाब
    • मध्यप्रदेश
    • राजस्थान
    • मुंबई
  • दिल्ली/एनसीआर
  • कारोबार
  • खेल
  • राजनीति
  • मनोरंजन
  • e-Paper
Hind ki Asha
  • होम
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • दिल्ली/एनसीआर
  • कारोबार
  • खेल
  • राजनीति
  • मनोरंजन
  • e-Paper
Home » नई ऊंचाई की ओर इसरो अंतरिक्ष में हर सफलता अगली चुनौती

नई ऊंचाई की ओर इसरो अंतरिक्ष में हर सफलता अगली चुनौती

Hindi kiBy Hindi kiSeptember 5, 2026
WhatsApp Facebook Twitter Pinterest Email Telegram

जीएसएलवी-एफ17 का सफल प्रक्षेपण भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए सामान्य उपलब्धि नहीं। इसरो की ताजा कामयाबी निश्चित ही आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है, लेकिन जश्न मनाने का समय कम है। श्री हरिकोटा से शुक्रवार तड़के जीएसएलवी-एफ17 का सफल प्रक्षेपण भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए महज सामान्य उपलब्धि नहीं है।

इस रॉकेट ने जियोसैट-1ए, यानी ईओएस-05 को उसकी निर्धारित कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर न केवल देश की पृथ्वी-अवलोकन क्षमता को विस्तार दिया, बल्कि एक ऐसे अभियान को भी उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया, जो लंबे समय से अनिश्चितता से गुजर रहा था।

यह कामयाबी ऐसे वक्त में मिली है, जब 2025 और जनवरी, 2026 में इसरो के प्रमुख प्रक्षेपण रॉकेट पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल, यानी पीएसएलवी को विफलताओं का सामना करने के बाद भारत की प्रक्षेपण क्षमता पर सवाल उठाए जा रहे थे।

यही रॉकेट भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता के सबसे महत्वपूर्ण प्रतीकों में से भी एक है। ईओएस-05 का सफल प्रक्षेपण इसलिए भी अहम है, क्योंकि पृथ्वी-अवलोकन उपग्रह अब भारत की विकास जरूरतों का हिस्सा बन चुके हैं।कृषि से लेकर जल संसाधन प्रबंधन, मौसम की निगरानी से लेकर आपदा प्रबंधन और शहरी नियोजन से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक, अंतरिक्ष से मिलने वाले आंकड़ों का उपयोग बढ़ रहा है।

Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest Email Telegram
Hindi ki
  • Website

Related Posts

केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा में पुलिस बल मुस्तैद, नवरात्र में हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षा भगवान भरोसे

October 18, 2026

राहुल गांधी,गोवा बचाओ मार्च के समापन समारोह में शामिल हुए

October 18, 2026

मोदी का विरोध अलग, लेकिन बाहरी  तय नहीं करेगा भारत के फैसले’, ओवैसी

October 16, 2026
Leave A Reply Cancel Reply

मनोरंजन
Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

News

  • होम
  • देश
  • विदेश
  • दिल्ली/एनसीआर
  • कारोबार
  • मनोरंजन

Company

  • Contact Info
  • Information
  • Advertising
  • Classified Ads
  • Do Not Sell Data
  • GDPR Policy

Services

  • Subscriptions
  • Customer Support
  • Bulk Packages
  • Newsletters
  • Sponsored News
  • Work With Us

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 Hind Ki Asha. Designed by CSG.
  • Privacy Policy
  • Terms
  • Accessibility

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.