एमसीडी सदन में बवाल, महापौर के आसन पर रखे कागज फेंके, माइक तोड़कर नीचे पटका!पार्षदों में तीखी नोकझोंक, आरोप है कि महापौर ने नाजिया को सदन के बीच में खड़े होकर बोलने और व्यक्तिगत टिप्पणी करने से नहीं रोका।
विरोध के दौरान महापौर आसन छोड़कर बाहर चले गए। आप पार्षदों ने उनके आसन को घेर लिया और माइक तोड़कर नीचे फेंक दिए।दिल्ली नगर निगम सदन की बैठक में पार्षदों के बीच विकास निधि और वायु प्रदूषण के मुद्दे पर तीखी बहस के बाद अभूतपूर्व हंगामा और हाथापाई हुई।
यह घटना 22 अक्टूबर 2026 को समिति की बैठक के दौरान घटित हुई, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों को महापौर प्रवेश वाही को सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा।आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों के विकास के लिए तुरंत फंड जारी करने की मांग की।
महापौर ने प्रत्येक पार्षद को तुरंत ₹25 लाख और चालू वित्तीय वर्ष में कुल ₹2 करोड़ देने का ऐलान किया। हालांकि, आप पार्षद इस राशि को तुरंत बढ़ाकर ₹1 करोड़ करने की मांग पर अड़े रहे।दिल्ली में बढ़ रहे वायु प्रदूषण को लेकर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई। नेताओं के बीच व्यक्तिगत टिप्पणी: बहस तब और गंभीर हो गई जब कांग्रेस नेता नाजिया दानिश और आप पार्षद शगुफ्ता जुबैर चौधरी के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
आप का आरोप है कि नाजिया ने शगुफ्ता पर व्यक्तिगत और अमर्यादित टिप्पणियां कीं, जिस पर महापौर ने दखल नहीं दिया।विवाद बढ़ने पर आप और कांग्रेस के पार्षदों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गई। गुस्साए पार्षद महापौर के आसन तक जा पहुंचे।
प्रदर्शनकारी पार्षदों ने महापौर की टेबल से फाइलें और जरूरी कागजात खींचकर हवा में उड़ा दिए। इस दौरान महापौर का माइक्रोफोन भी छीनकर तोड़ दिया गया और नीचे पटक दिया गया।
बढ़ते बवाल को देखते हुए मार्शलों ने महापौर को सुरक्षित कमरे से बाहर निकाला। बाद में महापौर ने आयुक्त की सीट के माइक का इस्तेमाल करते हुए जरूरी एजेंडा पास कराया और सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया।