हूती-सऊदी संघर्ष को नया आयाम
मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश से पहले ड्रोन मार गिराने के सऊदी दावे ने हूती-सऊदी संघर्ष को नया आयाम दे दिया है। हूती पक्ष ने मक्का को निशाना बनाने से इनकार किया है, जबकि दोनों ओर से हवाई और ड्रोन हमले जारी हैं। इस बीच सऊदी क्राउन प्रिंस ने मोखा और बाब अल-मंदब क्षेत्र में हूतियों के खिलाफ मिस्र से राजनीतिक समर्थन की मांग की है।

सऊदी अरब का दावा
सऊदी अरब का दावा हैं कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले एक ड्रोन को मार गिराया है। सऊदी सैन्य प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने चेतावनी दी कि मक्का और दोनों पवित्र मस्जिदों की सुरक्षा उसके लिए ‘रेड लाइन’ है । यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है।
मक्का के पास ड्रोन गिराए जाने की घटना से कुछ ही समय पहले हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या के अनुसार सऊदी लड़ाकू विमानों ने यमन के पांच प्रांतों में 52 हवाई हमले किए। एफ-15 और टाइफून लड़ाकू विमानों ने सऊदी अरब के खमीस मुशैत और ताइफ स्थित हवाई ठिकानों से उड़ान भरकर तैज, अल-जौफ, अल-बायदा, सादा और अमरान में हमले किए। हूती पक्ष ने दावा किया कि इन हमलों में स्कूलों, पुलों, सड़कों और अन्य नागरिक बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया गया।
मक्का मे बढ़ा तनाव
मक्का मे बढ़ा तनाव सऊदी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में पहुंचने से पहले ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। अल-मलिकी ने कहा कि पवित्र शहर और वहां आने वाले जायरीनों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि सऊदी अरब भविष्य में ऐसे हमलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सकता है। हालांकि हूती पक्ष ने इस दावे को सीधे खारिज कर दिया।