संघ शताब्दी वर्ष समापन समारोह, धनखड़ को न्योते पर अटकलें तेज, कांग्रेस बोली- संघ, भाजपा के अंतर्विरोध उजागर! पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को अगले सप्ताह नागपुर में विजयादशमी पर आयोजित होने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वार्षिक उत्सव में आमंत्रित किया गया है।

जगदीप धनखड़ को मिले इस न्यौते पर सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है। कांग्रेस ने धनखड़ के बहाने संघ और भाजपा पर निशाना साधा है।
संघ का हर साल होने वाला विजयादशमी समारोह हर बार किसी ने किसी कारण से चर्चा में रहा है।इस बार के समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को संघ की ओर से मिले न्योते पर चर्चाओं का बाजार गर्म है। कांग्रेस इसे भाजपा और संघ के बीच टकराव के रूप में प्रचारित कर रही है, जबकि भाजपा चुप है।
इस बार संघ का हर साल होने वाला विजया दशमी समारोह बेहद खास है, क्योंकि इसके साथ ही संघ अपने शताब्दी वर्ष का समापन समारोह भी आयोजित कर रहा है। हमेशा की तरह इस समारोह में मुख्य भाषण संघ प्रमुख मोहन भागवत का होगा।
अतिथि के तौर पर पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ और मध्य एशिया भारत में इस्राइल के महावाणिज्य दूत यानिव रेवाच।धनखड़ मामले में चर्चा का कारण बतौर उपराष्ट्रपति राज्यसभा का सदन चलाने और सार्वजनिक जीवन में न्यायपालिका पर सीधा हमला बोलने के लिए चर्चित धनखड़ ने 2018 में बेहद कटुतापूर्ण सियासी परिस्थितियों में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
सरकार और उनके बीच कटुता तब अचानक चरम पर पहुंची जब हाईकोर्ट के जज यशवंत शर्मा के घर पर मिले अधजले नोट मामले में उन्होंने बिना सलाह के विपक्ष के महाभियोग के नोटिस को स्वीकार कर लिया। विवाद इसलिए बढ़ा की सरकार खुद इस मुहिम की अगुवाई करना चाहती थी।