दक्षिण-पश्चिम जिला के सत्य निकेतन इलाके में 50 साल से अधिक पुरानी पांच मंजिला बिल्डिंग (ब्वायज पीजी) के रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे अचानक भरभराकर गिरने के बाद मलबे में फंसे छात्रों व मजदूरों के लिए एनडीआरएफ के अत्याधुनिक उपकरण और प्रशिक्षित रेस्क्यू कर्मी जिंदगी की उम्मीद बनकर सामने आए।
मलबे के नीचे दबे लोगों की मौजूदगी का पता लगाने के लिए लाइफ डिटेक्टर, प्रशिक्षित खोजी कुत्ते, हाइड्रोलिक उपकरण और अन्य टेक्निकल इक्विपमेंट की मदद ली गई।
मलबे में दबे लोगों तक पहुंचने और मलबे को हटाकर सुरक्षित रास्ता बनाने के लिए डायमंड चेन सा, हाइड्रोलिक जैक, काम्बी कटर और प्लाज्मा कटर जैसे अत्याधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किया गया। इन तकनीक और करीब 70 रेस्क्यूकर्मियों की लगातार मेहनत के चलते एनडीआरएफ ने मलबे में फंसे सभी छात्रों व अन्य को सुरक्षित बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई।