सेंगोल अब बच्चे पढ़ेंगे सुशासन का राजदंड, नौवीं की नई किताब में नया भारत, संसद से लेकर चोल राजवंश तक! एनसीईआरटी (NCERT) की नौवीं कक्षा की नई सामाजिक विज्ञान और इतिहास की पाठ्यपुस्तकों में सुशासन के प्रतीक ‘सेंगोल’ (राजदंड) और चोल राजवंश के इतिहास को शामिल किया गया!
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने सामाजिक विज्ञान की नई किताब में सेंगोल को शासन और सुशासन के सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में जगह दी है। (NCERT) की नौवीं कक्षा की नई सामाजिक विज्ञान और इतिहास की पाठ्यपुस्तकों में सुशासन के प्रतीक ‘सेंगोल’ (राजदंड) और चोल राजवंश के इतिहास को शामिल किया गया है।
नौवीं कक्षा के पाठ्यक्रम में नए संसद भवन में स्थापित सेंगोल और इसके ऐतिहासिक महत्व के बारे में विस्तार से पढ़ाया जाएगा। चोल राजवंश से जुड़ाव, यह बच्चों को बताएगा कि कैसे चोल साम्राज्य के दौरान सत्ता हस्तांतरण के समय राजा प्रतीक के रूप में सेंगोल सौंपते थे।किताबों में आक्रांताओं के साम्राज्य विस्तार के बजाय उनकी कर, बाजार व्यवस्था और भूमि प्रबंधन को जगह दी गई है, और पाठ्यक्रम भारतीय वीरता तथा इतिहास पर केंद्रित है।
नया ढांचा: नौवीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की किताब को चार खंडों की जगह अब दो मुख्य पुस्तकों में बदल दिया गया है, जिसमें आधुनिक भारत की पहलों (जैसे एनईपी, खेलो इंडिया, स्टार्टअप) को भी शामिल किया गया है।