नए नियमों के अनुसार, मान्यता प्राप्त असेइंग एंड हॉलमार्किंग सेंटर्स में सोने के आर्टिकल जमा करने वाले ज्वैलर्स को अब प्रति आर्टिकल ₹75 का भुगतान करना होगा।प्रति कंसाइनमेंट की न्यूनतम फीस ₹200 बनी रहेगी।प्रति आर्टिकल हॉलमार्किंग फीस में ₹30 यानी करीब 67% का इजाफा हुआ है।चांदी के नियमों में कोई बदलाव नहीं,चांदी की वस्तुओं के लिए हॉलमार्किंग फीस ₹35 प्रति आर्टिकल पर स्थिर रखी गई है। इसके लिए मिनिमम कंसाइनमेंट चार्ज ₹150 तय है।

₹75 की फीस ज्वैलर्स द्वारा हॉलमार्किंग सेंटर्स को दी जाती है। नोटिफिकेशन में खरीदारों से सीधे यह रकम वसूलने का कोई आदेश नहीं है।लागत का हिसाब-किताब ज्वैलर्स चाहें तो इस ₹30 के अतिरिक्त खर्च को खुद वहन कर सकते हैं या फिर इसे गहनों की मेकिंग चार्ज और ओवरऑल प्राइसिंग में जोड़ सकते हैं। मिनिमम कंसाइनमेंट फीस ₹200 है। अगर कोई ज्वैलर एक साथ केवल एक ही पीस हॉलमार्किंग के लिए भेजता है, तो उसे ₹75 के बजाय ₹200 का न्यूनतम शुल्क देना होगा। बीआईएस के अनुसार, हॉलमार्किंग का मुख्य मकसद खरीदारों को सोने या चांदी की शुद्धता का थर्ड-पार्टी एश्योरेंस देना है।
सोने के गहने खरीदते समय ग्राहकों को 3 मुख्य पहचान चिन्ह जरूर हैं। बीआईएस का स्टैंडर्ड मार्क,शुद्धता या फाइननेस (जैसे 22K916), 6-डिजिट का HUID नंबर, वर्तमान में बीआईएस सोने के गहनों के लिए 6 ग्रेड्स में हॉलमार्किंग की अनुमति देता है- 14K (585), 18K (750), 20K (833), 22K (916), 23K (958) और 24KS (995)।हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन यानी HUID एक 6-डिजिट अल्फान्यूमेरिक कोड होता है। यह हर सोने के गहने को एक अलग पहचान देता है।’BIS CARE App’ पर इस कोड को डालकर ग्राहक यह जान सकते हैं कि गहना किस ज्वैलर का है, उसकी हॉलमार्किंग किस सेंटर पर हुई है और उसकी असली शुद्धता कितनी है।