देश में डिजिटल पेमेंट का सबसे बड़ा जरिया बन चुके UPI को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। वित्त मंत्रालय ने 15 सितंबर 2026 को एक नया गजट नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसके बाद यूपीआई ट्रांजैक्शन के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है।नए सरकारी नियम के मुताबिक, ₹2,000 तक के यूपीआई पेमेंट पूरी तरह मुफ्त रहेंगे। इस पर बैंक या कोई भी पेमेंट कंपनी किसी भी तरह का डायरेक्ट या इनडायरेक्ट चार्ज नहीं वसूल पाएगी।
दोस्तों-रिश्तेदारों को पैसे भेजना रहेगा फ्री
₹2,000 तक कोई टेंशन नहीं: आम जनता और छोटे दुकानदारों पर इसका कोई असर नहीं होगा। ₹2,000 तक के सभी मर्चेंट पेमेंट्स पर ‘Zero-MDR’ नीति लागू रहेगी, यानी यह बिल्कुल फ्री रहेगा।दोस्तों-रिश्तेदारों को पैसे भेजना रहेगा फ्री । यदि आप अपने किसी दोस्त या परिवार के सदस्य को पैसे ट्रांसफर करते हैं, तो उस पर कोई चार्ज नहीं लगेगा।
इन पर 0.3 फीसद से 0.5 फीसद तक का मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाया जा सकता है।सिर्फ बड़े दुकानदारों पर असर: सरकार के प्रस्ताव के मुताबिक, यह चार्ज केवल उन बड़े मर्चेंट्स पर लगाने की योजना है जिनका सालाना टर्नओवर ₹1.5 करोड़ से अधिक है।
राहुल गाँधी ने किया विरोध ,व्यापारियों की चिंता बढ़ी
राहुल गांधी का सरकार पर हमला, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी पेमेंट कंपनियों के दबाव में आकर सरकार ने यह कदम उठाया है।व्यापारियों की चिंता बड़ी ,कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CTI) समेत कई व्यापारिक संगठनों ने इस फैसले को वापस लेने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि ₹2,000 से ऊपर चार्ज लगाने से डिजिटल इंडिया अभियान को झटका लगेगा और लोग फिर से कैश (नकद) लेनदेन की तरफ बढ़ सकते हैं।