मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को कहा, ‘कर्नाटक के सरकारी कार्यक्रमों में अब वंदे मातरम के सिर्फ शुरुआती दो पैरा ही गाए जाएंगे।’भाजपा तुष्टीकरण की राजनीति करती हैउन्होंने कहा कि 15 अगस्त के कार्यक्रम में उनकी जानकारी के बिना पूरा वंदे मातरम गाया गया था। यह भी कहा कि वे अपनी पार्टी की विचारधारा में विश्वास रखते हैं। पार्टी के फैसले पर कायम रहेंगे।

यह फैसला 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम गान को लेकर हुए विवाद के बाद आया। भाजपा ने कांग्रेस पर वंदे मातरम के अपमान का आरोप लगाया था। वंदे मातरम को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच विवाद 15 अगस्त को शुरू हुआ। BJP ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पूरा वंदे मातरम गाए जाने पर सोनिया गांधी ने इसे रोकने की कोशिश की।