मुख्यमंत्री ने निवेशकों को दी 5 गारंटियां, नीति स्थिरता से रोजगार तक, निवेशकों को मिलेगा पूरा सरकारी सहयोग हरियाणा सरकार फाइल मूवमेंट पर नहीं, प्रोजेक्ट मूवमेंट पर काम करती है विश्वास निवेशकों ने हरियाणा सरकार के गुड गवर्नेंस, पारदर्शी, तेज और निर्णायक निर्णय लेने की प्रक्रिया की करी सराहना|श्री नायब सिंह सैनी ने मुंबई दौरे के दूसरे दिन विभिन्न देशों के कन्सुलेट जनरल्स, उद्योग जगत की हस्तियों, निवेशकों तथा मुंबई के वित्तीय एवं कॉरपोरेट जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा में निवेशकों को केवल भूमि, प्रोत्साहन और अप्रूवल ही नहीं मिलते, बल्कि हरियाणा स्केल, स्पीड, नीति-निश्चितता और सांझा समृद्धि पर आधारित एक रणनीतिक सांझेदारी प्रदान करता है। हरियाणा सरकार फाइल मूवमेंट पर नहीं, बल्कि प्रोजेक्ट मूवमेंट पर विश्वास करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विश्व की प्रमुख आर्थिक शक्तियों में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, विनिर्माण, स्टार्टअप, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता ने देश की आर्थिक बुनियाद को मजबूत किया है। भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। इस विकास यात्रा में हरियाणा एक महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन के रूप में उभरा है। देश के क्षेत्रफल का लगभग 1.3 प्रतिशत होने के बावजूद हरियाणा राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में करीब 3.6 प्रतिशत योगदान देता है।श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गत दिनों गुरुग्राम में आयोजित इंडस्ट्री पॉलिसी लॉन्च कार्यक्रम में ही 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए। एमओयू साइन करने वाली 123 में से 108 कंपनियों को जमीन प्रदान कर दी गई है। हरियाणा के लिए एमओयू सिर्फ एक साइनिंग सेरेमनी नहीं बल्कि प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप हरियाणा ने ‘हरियाणा विजन डॉक्यूमेंट-2047’ तैयार किया है। इसके तहत प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से आगे ले जाने, प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने, युवाओं की रोजगार-क्षमता एवं महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने तथा सभी जिलों को विकास का सक्रिय भागीदार बनाने का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षा एवं कौशल, स्वास्थ्य, जलवायु-अनुकूल कृषि, स्मार्ट अवसंरचना, संतुलित क्षेत्रीय विकास और सतत वित्तीय व्यवस्था को विकास के प्रमुख आधार बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार निवेशकों को 5 गारंटियाँ देती है। इनमें नीति की स्थिरता, समयबद्ध निर्णय एवं स्वीकृतियां, परियोजनाओं की सक्रिय हैंड-होल्डिंग, उद्योग की जरूरत के अनुरूप कौशल एवं कनेक्टिविटी तथा निवेश के साथ स्थानीय रोजगार, एमएसएमई, नवाचार और क्षेत्रीय विकास को जोड़ना शामिल है।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा की भौगोलिक स्थिति और मजबूत कनेक्टिविटी इसे निवेश के लिए एक महत्वपूर्ण राज्य बनाती है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में सड़क और परिवहन कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि हरियाणा को ऐसा मुख्यमंत्री मिला है जो केवल घोषणाओं में नहीं, बल्कि काम करने में विश्वास रखता है।श्री राव नरबीर सिंह ने निवेशकों का हरियाणा में निवेश के लिए आह्वान करते हुए कहा कि राज्य में उद्योगों को हर वह सुविधा और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, जिसकी एक उद्योगपति अपेक्षा करता है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम आज दुनिया के प्रमुख उद्योगों और कंपनियों का केंद्र बन चुका है और हरियाणा सरकार निवेशकों के स्वागत तथा उनकी हर आवश्यकता को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि हरियाणा सरकार आज यहां निवेशकों को केवल आमंत्रित करने नहीं, बल्कि उन्हें प्रदेश में निवेश के लिए एक मजबूत, विश्वसनीय और अनुकूल वातावरण का भरोसा देने आई है। उन्होंने कहा कि भौगोलिक क्षेत्रफल की दृष्टि से देश में हरियाणा की हिस्सेदारी करीब 1.3 प्रतिशत और जनसंख्या करीब 2 प्रतिशत है, लेकिन हरियाणा राष्ट्रीय जीडीपी में लगभग 3.6 प्रतिशत का योगदान दे रहा है। हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय करीब 4 लाख रुपये है। पिछले कुछ सालों में जीएसटी संग्रह के मामले में हरियाणा ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है।
उन्होंने कहा कि देश में बनने वाली करीब दो-तिहाई पैसेंजर कारें, लगभग 60 प्रतिशत मोटरसाइकिलें तथा ट्रैक्टर और रेफ्रिजरेटर हरियाणा में निर्मित हो रहे हैं।एनसीआर का लगभग 57 प्रतिशत क्षेत्र हरियाणा में आता है, जिससे प्रदेश को विशाल बाजार, कुशल मानव संसाधन और मजबूत औद्योगिक आधार का लाभ मिलता है। उन्होंने बताया कि सरकार उद्योगों को ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ ट्रस्ट-बेस्ड सिस्टम की दिशा में आगे बढ़ रही है और सब्सिडी के मामलों का तेजी से निपटारा किया जा रहा है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, सूचना, जनसंपर्क भाषा एवं संस्कृति विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री के मकरंद पांडुरंग, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री यश गर्ग, एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री सुशील सारवान, चीफ़ कॉर्डिनेटर श्री सुनील शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।