EOS-5 भारत की ‘तीसरी आंख’ के रूप में काम करेगा। GSLV F17 रॉकेट से श्रीहरिकोटा से होगा लॉन्च। सीमा सुरक्षा, मौसम, आपदा प्रबंधन में सहायक होगा।इसरो एक बार फिर अंतरिक्ष में उड़ान भरने को तैयार है। शुक्रवार तड़के GSLV-F17 रॉकेट से EOS-5 उपग्रह लॉन्च होगा, जो देश की अंतरिक्ष निगरानी और सुरक्षा को नई मजबूती देगा।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) एक बार फिर अंतरिक्ष में अपनी ताकत दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार है। अपने पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) रॉकेट की लगातार दो असफलताओं के बाद, इसरो लगभग आठ महीने के लंबे अंतराल के बाद एक बेहद अहम और धमाकेदार वापसी करने जा रहा है।
इसी क्रम में इसरो 4 सितंबर को तड़के 2:55 बजे अपने सबसे दूरदर्शी अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट EOS-5 को अंतरिक्ष में भेजने जा रहा है। इस मिशन को भारत के सबसे भरोसेमंद भारी रॉकेट GSLV F17 के जरिए अंतरिक्ष में स्थापित किया जाएगा।