21 साल बाद मध्य प्रदेश में सरकारी बस सेवा लौट रही है। 25 सितंबर यानी आज मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत CM मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भोपाल से 351 बसों को हरी झंडी दिखाई। लेकिन बस सेवा का मॉडल इस बार अलग है।
मध्य प्रदेश में 21 साल बाद 25 सितंबर 2026 को ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के तहत सरकारी बस सेवा फिर से शुरू की गई है, जिसका संचालन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत निजी कंपनियों द्वारा किया जा रहा है।मुख्य बातें और नया मॉड। भोपाल के भेल दशहरा मैदान से मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुरुआत में 351 बसों को हरी झंडी दिखाकर इस सेवा की शुरुआत की।
बसें सरकारी ब्रांडिंग भगवा रंग और आईटी आधारित नियंत्रण के साथ चलेंगी, लेकिन इन्हें उपलब्ध कराने और चलाने का काम प्राइवेट ऑपरेटर करेंगे।वर्ष 2031 तक प्रदेश भर में ऐसी 15,000 बसों को चलाने और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के बड़े हिस्से को कवर करने की योजना है।साल 2005 में भारी घाटे और कर्ज के कारण तत्कालीन सरकार ने ‘मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को बंद कर दिया था, जिसके बाद से राज्य में पूरी तरह निजी बसों पर निर्भरता बढ़ गई थी।