पेपर लीक के खिलाफ हुए छात्रों के प्रदर्शन में पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को लेकर एक बार फिर सियासत शुरू हो गई है। शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पुलिस कार्रवाई में कथित रूप से पैलेट गन के इस्तेमाल में घायल शख्स को लेकर संसद मार्ग थाने पहुंचे। ख़बरों के अनुसार वह यहां मामले की शिकायत दर्ज कराने पहुंचे हैं। एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने पर राहुल गांधी थाना परिसर में ही धरने पर बैठ गए हैं
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के संसद मार्ग पुलिस थाने के बाहर धरने को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूरा देश ध्यान खींचने वाली राजनीति देख रहा है, जिसका प्रदर्शन राहुल गांधी ने आज संसद मार्ग पुलिस थाने के बाहर किया। उन्होने आगे ये भी कहा हैं की राहुल गांधी का आज का धरना न तो छात्रों के लिए है और न ही न्याय के लिए, बल्कि यह कांग्रेस की राजनीतिक हताशा और राहुल गांधी की मीडिया का ध्यान खींचने की भूख का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि पूरा देश जानता है कि सुप्रीम कोर्ट 20 जुलाई की घटना का पहले ही संज्ञान ले चुका है और उसने एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया है। जब देश की सर्वोच्च अदालत इस मामले की जांच कर रही है, तो राहुल गांधी कैमरों के सामने पुलिस थाने के बाहर बैठकर क्या साबित करना चाहते हैं?