चितवन में बाढ़ में मारे गए लोगों, जिनके शवों की पहचान नहीं हो पाई है, उन्हें सामूहिक रूप से दफनाया जा रहा है। रसुवा से लगभग 200 किमी दूर देवघाट के जंगल में सैकड़ों कब्रें खोदी गई हैं।नेपाल में आई भयानक अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 903 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 4,247 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं.

बाढ़ से हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स और नेपाल-चीन सीमा के अहम व्यापारिक रास्तों को भी भारी नुकसान पहुंचा है. इस महासंकट की घड़ी में मदद के लिए हाथ आगे आए हैं. हालात इतने भयावह हैं कि शवों की पहचान मुश्किल हो रही है और चितवन के देवघाट जंगल में सैकड़ों कब्रें तैयार कर अज्ञात शवों को दफनाया जा रहा है, जिनकी बाद में DNA जांच की जाएगी.
ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु ने नेपाल के प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में 1 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है, वहीं चीन सरकार ने भी 22 लाख डॉलर (करीब 35 करोड़ नेपाली रुपये) की आर्थिक सहायता दी है