नेपाल में 26 अगस्त को आई बाढ़ की चेतावनी ,ग्लेशियर टूटने के करीब 38 मिनट बाद जारी की गई थी। बाढ़ से बचे लोगों का कहना है कि अलर्ट मिलने तक उनके पास सुरक्षित जगह पहुंचने का पर्याप्त समय नहीं था।
कई लोगों ने कहा कि वे चेतावनी से ज्यादा किस्मत की वजह से बच पाए। काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लेशियर टूटने और अचानक बाढ़ आने का खतरा लंबे समय से मौजूद था। इसके बावजूद इस जोखिम की लगातार निगरानी नहीं की गई।नेपाल की विनाशकारी बाढ़ में लापता हुए सूरज तिमिल्सिना का शव अब तक नहीं मिल सका है। काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर में सूरज तिमिल्सिना के परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार पुतले के जरिए किया है।

नेपाल पुलिस के मुताबिक, बाढ़ में अब तक 1127 लोगों की मौत हो चुकी है। 4600 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। बाढ़ में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स, सड़कें, पुल, स्कूल और अस्पताल को नुकसान पहुंचा है।अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के सदस्य और रिश्तेदार भावुक नजर आए। सूरज के बेटे ने भी पिता के अंतिम संस्कार की रस्मों में हिस्सा लिया।दर्जनों हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के सैकड़ों कर्मचारी अब भी लापता हैं। कई लोगों के सुरंगों में फंसे होने की आशंका है।