उत्तर प्रदेश में सीट बंटवारे को लेकर विवाद कम नहीं हो रहा है। सियासी उठापटक और पाला बदलने का माहौल अभी से बनने लगा है। प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। एनडीए की ओर से सुभासपा प्रमुख और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर पहले से सपा पर तीखे प्रहार कर रहे हैं।

एनडीए और इंडिया गठबंधन के छोटे-बड़े दल एक-दूसरे को उलझाने में लगे हुए हैं। समाजवादी पार्टी का एनडीए में टकराव बढ़ाने का दाव है। वहीं कांग्रेस इकतरफा बंटवारा नहीं चाहती है।उत्तर प्रदेश में सीट शेयरिंग को लेकर एनडीए और विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया के छोटे-बड़े दल एक दूसरे को उलझाने में लगे हुए हैं समाजवादी पार्टी ने जहां छोटे दलों को ज्यादा सीटें देने को लेकर भाजपा पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की है, वहीं कांग्रेस खुद सपा से ज्यादा सीटें लेने के लिए माहौल बना रही है।
विपक्षी गठबंधन के घटक दल सपा और कांग्रेस अलग-अलग लड़े। सपा का गठबंधन रालोद व अन्य से था। सपा 111 सीटें जीतीं और तब रालोद सपा के गठबंधन में 33 में 8 सीट जीता। सुभासपा ने इसी गठबंधन में 19 में 6 पर जीत दर्ज की। अपना दल कमेरावादी 6 में 1 सीट जीता। अब सुभासपा व रालोद भाजपा के साथ हैं जबकि अपना दल कमेरावादी सपा के साथ बना हुआ है और कांग्रेस सपा का 2024 के लोकसभा में बना गठबंधन फिर मिल कर लड़ने को तैयार है। पिछले विधानसभा चुनाव की बात करें तो 2022 में भाजपा ने 376 सीटों पर चुनाव लड़ा और सहयोगी दलों को 27 सीटें दीं।