13 दिन चलेगा भारतीय संस्कृति उत्सव, इसे फ्रांस का पहला बड़ा हिंदू मंदिर बताया जा रहा है।उद्घाटन के साथ 2 से 14 सितंबर तक 13 दिन का ‘फेस्टिवल ऑफ कल्चर’ आयोजित होगा। इसमें हिंदू परंपराओं, भारतीय कला, संगीत और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम होंगे। लोगों को भारतीय संस्कृति को करीब से जानने और समझने का मौका मिलेगा।
1970 में आया था फ्रांस में हिंदू मंदिर बनाने का आइडिया। 2017 में बुसी-सेंट-जॉर्जेस में मंदिर के लिए जमीन मिली। इसके बाद 2021 में निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ी। करीब 56 साल बाद अब 2026 में मंदिर बनकर तैयार है।मंदिर सिर्फ पूजा की जगह नहीं होगा। यहां सांस्कृतिक और सामुदायिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

उद्घाटन और उत्सव में भारतीय मूल के लोगों के साथ हिंदू समुदाय और भारतीय संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।मंदिर में भारतीय शिल्पकला और फ्रांस की आधुनिक निर्माण तकनीक का मेल देखने को मिलता है। मंदिर की संरचना में गुंबद, स्तंभ और शिखर जैसी पारंपरिक हिंदू वास्तुकला भी शामिल है।
पेरिस के पास बने BAPS स्वामीनारायण मंदिर में भारत से लाए गए खास पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। इन्हें भारत में करीब 1,000 साल पुरानी नक्काशी की तकनीकों से तैयार किया गया है।भारत में तैयार किए गए इन पत्थरों को फ्रांस लाकर मंदिर में लगाया गया। इस काम में भारतीय कारीगरों के साथ फ्रांस के विशेषज्ञ भी शामिल रहे।