रूस और जापान के बीच विवादित आइलैंड को लेकर तनाव बढ़ता दिख रहा है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा जापान के नज़दीक कुरिल द्वीप समूह के पास न्यूक्लियर सबमरीन (ओम्स्क) और गाइडेड-मिसाइल क्रूजर (वारियाग) के साथ एक बड़ा सैन्य व मिसाइल अभ्यास किया गया है, जिसे सीधे तौर पर जापान के साथ चल रहे क्षेत्रीय विवाद और तनाव के बीच शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। जिस पर जापान ने कड़ी आपत्ति जताई है.

हालांकि, इसे अभी सीधी जंग की तैयारी नहीं कहा जा सकता, बल्कि यह भू-राजनीतिक तनाव और तीखी बयानबाजी का हिस्सा हैं । इस अभ्यास में दुश्मन के जहाजों पर हमले की स्थिति का अभ्यास किया गया और करीब 300 किलोमीटर दूर मौजूद सभी लक्ष्यों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हालिया कुरिल द्वीप (जिसे जापान अपना ‘उत्तरी क्षेत्र’ मानता है) के दौरे के बाद से मॉस्को और टोक्यो के बीच कूटनीतिक तनाव काफी बढ़ गया है।लाइव मिसाइल टेस्ट रूसी प्रशांत बेड़े ने विवादित दक्षिणी कुरिल द्वीपों के पास 300 किलोमीटर से अधिक दूरी तक ओनिक्स और वल्कन एंटी-शिप मिसाइलों का सफल परीक्षण किया है, जिसमें परमाणु पनडुब्बी ने भी हिस्सा लिया।
जापान की सरकार ने इस सैन्य अभ्यास और रूस के नियंत्रण पर कड़ा विरोध जताया है तथा इसे पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है।यूक्रेन युद्ध और प्रतिबंध: रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से जापान द्वारा पश्चिमी देशों के साथ मिलकर रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने से भी दोनों देशों के संबंध लंबे समय से खराब चल रहे हैं|